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मà¥à¤‚ह का कैंसर आमतौर पर पतली कोशिकाओं में शà¥à¤°à¥‚ होता है जो कि सामानà¥à¤¯à¤¤à¥Œà¤° पर गाल और होंठके अंदर होती हैं. à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सिगरेट पीने से, तंबाकू खाने से और शराब के सेवन से मà¥à¤‚ह के कैंसर की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कई गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ जाती है. कैंसर होने से शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ à¤à¥€ ठीक पà¥à¤°à¤•ार से कारà¥à¤¯ नहीं कर पाती है.
असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन शैली और नशीले पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सेवन से जब मà¥à¤‚ह के अंदर के à¤à¤¾à¤— जैसे जीब, गाल, जबड़े या दाड़ कहीं à¤à¥€ किसी पà¥à¤°à¤•ार की कठोरता या गांठउà¤à¤°à¤¨à¥‡ लगती है, तो उसे ही मà¥à¤‚ह का कैंसर कहते हैं । मà¥à¤‚ह का कैंसर किसी à¤à¤• वजह से नहीं हो सकता, इसके कईं कारण होते हैं ।
कईं लोगों के मà¥à¤‚ह के à¤à¥€à¤¤à¤° छाले रà¥à¤ªà¥€ घाव दिखने लगते हैं, लेकिन इसका यह अरà¥à¤¥ बिलà¥à¤•à¥à¤² नहीं है कि यह मà¥à¤‚ह का कैंसर है लेकिन यदि मà¥à¤‚ह के अंदर बदलाव अनà¥à¤à¤µ हो रहे हैं, तो उसके बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ लेना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने से समय पर कैंसर का पता चल जाà¤à¤—ा और उचित उपचार हो पाà¤à¤—ा ।
यदि मà¥à¤‚ह से खून बाहर आ रहा है, पीड़ा हो रही है या किसी पà¥à¤°à¤•ार का सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤ªà¤¨ मà¥à¤‚ह के à¤à¥€à¤¤à¤° महसूस हो रहा है, किसी कठोरता या गांठका अनà¥à¤à¤µ हो रहाहै तो फौरन डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें ।
मà¥à¤‚ह का कैंसर होने के कà¥à¤› अनà¥à¤¯ कारण à¤à¥€ देखे गठहैं, जैसे- आवाज में परिवरà¥à¤¤à¤¨, à¤à¥‹à¤œà¤¨ को चबाने और निगलने में दिकà¥à¤•त, जबड़ा और जीब हिलाने में परेशानी का अनà¥à¤à¤µ होना आदि ।
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